राजनीति


सोनिया के त्याग से कांग्रेस मजबूत।

सोनिया के त्याग से कांग्रेस मजबूत।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का जन्म ( 9 दिसंबर 1946) भले हीं इटली (गांव लूसियाना, वैनेतो) में हुआ हो लेकिन आज वे एक आम भारतीय से अधिक पारंपरिक भारतीय नारी और राजनेता हें। वे कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा होने के साथ साथ यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की भी प्रमुख हैं। आम तौर पर सोनिया गांधी पर आरोप लगता है कि वे राजनीति मे परिवारवाद का हिस्सा हैं? लेकिन वास्तव में देखा जाये तो जनता का ही अटूट विश्वास है श्रीमती गांधी के प्रति। यदि जनता का विश्वास श्रीमती गांधी के प्रति नहीं होता तो कांग्रेस पार्टी कब का हासिये पर चली गई होती।

आडवाणी को अपमानित कर मोदी को दिया गया कमान।

आडवाणी को अपमानित कर मोदी को दिया गया कमान।

पणजी। आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनावों की कमान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दी है। आगामी लोक सभा चुनाव के लिये उन्हें चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अंतिम दिन इसका ऐलान खुद बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने की। बीजेपी के इतिहास में यह पहला मौका है कि बीजेपी में इतना बड़ा फैसला बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के बिना लिया गया।

मोदी नहीं चाहिये सरकार रहे या नहीं।

मोदी नहीं चाहिये सरकार रहे या नहीं।

एनडीए में मतभेद और बिखराव की गति में तेजी आ गई है। एनडीए के सहयोगी दल जदयू ने साफ कर दिया है कि यदि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाता है तो जदयू एडीए से बाहर हो जायेगा। वहीं आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने नरेंद्र मोदी का समर्थन किया और सवाल किया कि कोई हिंदुत्ववादी भारत का प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकता?

 बीजेपी में विवाद अभी भी।

बीजेपी में विवाद अभी भी।

मुंबई(उदय रवानी की रिपोर्ट)। मुंबई में चल रहे बीजेपी की कार्यकारिणी की बैठक में पहले दिन दो महत्वपूर्ण फैसले हुए। पहला गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफत करने वाले संजय जोशी राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफा देना पड़ा और दूसरा बीजेपी के संविधान में संशोधन प्रस्ताव को पास किया गया। इससे बीजेपी के वर्तमान अध्यक्ष नितिन गडकरी दुबारा बीजेपी अध्यक्ष बन सकेंगे।

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