मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा हेलीकॉप्टर दुर्घटना में घायल।

मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा हेलीकॉप्टर दुर्घटना में घायल।

झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा हेलीकॉप्टर दुर्घटना में बाल बाल बच गये। उन्हें अपोलो होस्पिटल में दाखिल कराया गया है। हादसे के वक्त हेलीकॉफ्टर में कुल पांच लोग सवार थे। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के अलावा उनकी पत्नी मीरा मुंडा, विधायक बड़कुंवर गगराई और उनका प्राइवेट सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह हेलीकॉप्टर में मौजूद थे। इस हादसे में पायलट बुरी तरह घायल हो गया। डीजीसीए ने इस हादसे के जांच के आदेश दे दिये हैं।

अपोलो होस्पिटल के डॉकटरों के मुताबिक मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा खरते से बाहर हैं। अभी उन्हें किसी प्रकार की सर्जरी की जरूरत नही है। वे सभी से बातचीत कर रहे हैं। उनकी पत्नी मीरा मुंडा को चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि एक हाथ फ्रेक्चर हो गया है। दूसरे हाथ और पैर में भी चोटे आई है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मुंडा को खरसांवा जिले के कुचाई इलाके में एक विधुत सब स्टेशन का शिलान्यास करना था। इसके लिये उन्होने रांची से खरसवां के लिये हेलीकॉप्टर से रवाना हुए। पायलट को रास्ते में हीं मालूम चल गया कि हेलीकॉप्टर में कोई तकनीकी खराबी है। और खरसवां में हेलीकॉप्टर का लैंडिंग करना मुश्किल है। इसके बाद पायलट ने हेलीकॉप्ट को वापस रांची एयरपोर्ट की ओर ले गया। और यहीं लैंडिंग के समय हेलीकॉप्टर क्रैश कर गया।

पायलट ने अपनी समझ से मुख्यमंत्री की जान बचायी –

जानकार बताते हैं कि रांची से खरसावां के लिये उड़ान भरने के बाद हेलीकॉप्टर के पायलट को जब यह लगने लगा कोई तकनीकी खराबी आ गई है और इसे खरसवां के कुचाई इलाके में उतारने पर यदि कोई हादसा होता है तो कोई मेडिकल सुविधा नहीं मिल पायेगी। इसलिये पायलट ने समझदारी दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को वापस रांची एयरपोर्ट ले गये। सभी लोगों को सुचित कर दिया गया। प्राथमिक उपचार के सभी सुविधाएं जुटा ली गई। इसके बाद पायलट ने एयरपोर्ट के हवा में ही चक्कर काटकर फ्यूल खत्म कर दिया गया। इसके बाद लैंडिग की कोशिश की गई। और हेलीकॉप्टर क्रैश कर गया।

हादसा या कुछ और ? -

झारखंड के पुलिस डीजीपी जी एस रथ ने कहा कि इस हादसे की जांच होगी। आखिर कहां चुक हुई कि हेलीकॉप्टर क्रैश कर गया। बहरहाल सवाल खड़ा होता है कि झारखंड के मुख्यमंत्री के पास इतने पुराने हेलीकॉप्टर क्यों है?

बीस साल पुराना हेलीकॉप्टर क्रैश कर गया। मुख्यमंत्री बाल बाल बच गये। यदि कोई बूरी खबर होती तो दस सवाल उठने स्वभाविक थे कि ये हादसा है या कोई और बात । इस सवाल की नजरीये से आज भी जांच की जरूरत है।

हेलीकॉप्टर हादसे –झारखंड में एक हेलीकॉप्टर हादसे में खुद पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम बच चुके हैं। उनका हेलीकॉप्टर भी लैंडिग के समय क्रैश कर गया था। साल 2009 में आंध्र प्रदेश के सीएम वाई एस राजशेखर रेड्डी का हेलीकॉप्टर भी हादसे का शिकार हो गया जिसमें उनकी मौत हो गई। बीते साल अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दारजू खांडू का निधन एक हेलीकॉप्टर हादसे में हो गया। कांग्रेस के नेता माधव राव सिंधिया कान निधन भी हेलीकॉप्टर हादसे के कारण हुआ।

20 साल पुरानी हेलीकॉप्टर से सफर क्यों? –

राज्य का मुख्यमंत्री राज्य का मुखिया होता है। उसे अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना चाहिये। जानकारों का कहना है कि झारखंड एक संपन्न राज्य होने के बावजूद यहां की सरकारी व्यवस्था चौपट है। राज्य के मुख्यमंत्री के पास एक स्तरीय हेलीकॉप्टर नहीं है। मुख्यमंत्री को चाहिये कि आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री के लिये मल्टीइंजन वाला बढिया हेलीकॉप्टर खरीदना चाहिये।