मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।  
नई दिल्ली।  राष्ट्रपति भवन के विशाल प्रांगण में आयोजित एक भव्य समारोह में सार्क देशों देशों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति में नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने सोमवार को देश के 15 वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। इस दौरान मंत्रिमंडल के 45 सदस्यों को भी शपथ दिलाई गई, जिनमें 23 कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले 10 मंत्री और 12 राज्यमंत्री शामिल हैं।

63 साल के नरेंद्र मोदी उम्दा नेहरू जैकेट पहने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पहुंचे थे। जब मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए खड़े हुए तो हवा में 'मोदी, मोदी' के नारे गूंज उठे। शायद पहली बार किसी प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में यह नजारा दिखा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दुनिया के सबसे बड़े आम चुनाव में नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) की शानदार जीत के 10 दिन बाद मोदी को प्रधानमंत्री की शपथ दिलाई। 
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री  पद की शपथ लेते वक्त कहीं से भी इमोशनल और नर्वस नहीं दिखा। मोदी शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति के साथ गर्मजोशी से मिले। मोदी के शपथ ग्रहण करने के कुछ ही मिनट बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मोदी की तरफ से एक संदेश प्रसारित किया गया। मोदी ने अपने संदेश में उज्‍जवल भारत के भविष्य की इबारत लिखने का वादा किया। इसके अलावा उन्होंने एक मजबूत, विकसित और समावेशी राष्ट्र का भी वादा किया और विश्व शांति तथा समुन्नति के लिए कार्य करने की बात कही। 

बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली  के साथ साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने वालों में भाजपा के अन्य नेताओं में एम.वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, डी.वी.सदानंद गौड़ा, उमा भारती, नजमा हेपतुल्ला, गोपीनाथ मुंडे, कलराज मिश्र, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, हर्षवर्धन, मेनका गांधी, जुआल ओरम, नरेंद्र सिंह तोमर, राधा मोहन सिंह और थावरचंद गहलोत शामिल थे।

इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख रामविलास पासवान, शिवसेना के अनंत गीते, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की हरसिमरत कौर बादल और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अशोक गजापति राजू ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों के रूप में शपथ ग्रहण करने वाले सांसदों में राव इंदरजीत सिंह, पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह, संतोष कुमार गंगवार, श्रीपद नाइक, धर्मेंद्र प्रधान, सरवानंद सोनवाल, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, जितेंद्र सिंह और निर्मला सीतारमण शामिल हैं। इनके अलावा जी. एम. सिद्धेश्वरा, मनोज सिन्हा, उपेंद्र कुशवाहा, पी. राधाकृष्णन, कीरेन रीजिजू, कृष्णा पाल, संजीव कुमार बालियान, मानुषभाई वसावा, राव साब डान्वे, विष्णु देव साई, सुदर्शन भगत और निहाल चंद ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। मोदी के मंत्रिमंडल में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को जगह नहीं मिली। इनके अलावा पार्टी के ही मुख्तार अब्बास नकवी, राजीव प्रताप रूडी, शत्रुघ्न सिन्हा और अनुराग ठाकुर भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए गए।

शपथ ग्रहण समारोह में राजनीति, उद्योग जगत, सिनेजगत और अन्य क्षेत्रों के 4000 मेहमानों के बीच 100 से भी अधिक देशों से आए राजनयिक भी शामिल थे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नरेंद्र मोदी को हिंदी में पद व गोपीनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में उपस्थित सार्क देशों के प्रतिनिधियों में श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे, मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला शामिल थे। बांग्लादेश के प्रतिनिधि के रूप में बांग्लादेशी संसद की अध्यक्ष शिरीन शरमिन चौधरी ने शिरकत की।
गत 10 वर्षों तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का नेतृत्व करने वाले मनमोहन सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी, पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे.अब्दुल कलाम और प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, मुकेश और अनिल अंबानी व उनकी पत्नियां, उनकी मां कोकिलाबेन, कुमार मंगलम बिड़ला से लेकर सभी पार्टियों के बड़े नेता, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, धर्मेन्द्र, भारतीय क्रिकेट टीम के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी देश में एक पार्टी के शासन वाले दौर की वापसी के गवाह बने। श्री श्री रविशंकर, कई चर्चों के प्रमुख भी मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

इससे पहले सोमवार सुबह नरेंद्र मोदी राजघाट गए जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आवास पर जाकर उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मंत्रिपरिषद के सदस्यों की सूची राष्ट्रपति को भेजी। इस अवसर पर रायसीना हिल के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।