अमेरिका चाहता कि भारत ईरान से कोई व्यापार न करे।

अमेरिका चाहता कि भारत ईरान से कोई व्यापार न करे।

नई दिल्ली। ईरान को कमजोर करने के लिये अमेरिका भारत की मदद चाहता है। इसलिये भारत दौरे पर आई अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान से चल रहे आंतकवादी गतिविधियों पर भारत की चिंता को दूर करने की कोशिश की। विदेश मंत्री क्लिंटन ने कहा कि अमेरिका मुंबई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई चाहता है।

राजधानी दिल्ली में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सईद पर 50 करोड़ का इनाम रखा है। विदेश मंत्री क्लिंटन ने यह भी कहा कि आंतकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को और कड़े कदम उठाने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके धरती से दूसरे देश के खिलाफ हमले न किये जायें। भारत के विदेश मंत्री एस एम कृष्णा और अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी के संयुक्त बैठक से पहले दोनो नेताओं ने आपस में विचार विमर्श किया।

आंतकवादी सरगना ओसामा बिन लादेन के मामले में पाकिस्तान से धोखा खा चुके अमेरिका के लिये अब भारत महत्वपूर्ण हो गया है। अमेरिका जानता है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले कम से कम भारत का नैतिक समर्थन उसे मिल जाये। हिलेरी क्लिंटन ने भारत का धन्यवाद किया है कि भारत ने ईरान से तेल आयात में कमी कर दिया है।

भारत के विदेश मंत्री एम एम कृष्णा ने कहा कि ईरान से एक झटके में तेल आयात को रोकना मुश्किल है। भारत अपनी जरूरत के हिसाब से कदम उठायेगा। हालांकि विदेश मंत्री कृष्णा ने कहा कि दोनो देशों के बीच ईरान को लेकर कोई मतभेद नहीं है। अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने यह भी कहा कि भारत के साथ द्धिपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाना अमेरिका की प्राथमिकता है।