छोटा राजन ने पत्रकार जेडे की हत्या करवा कर अफसोस जताया, एक महिला पत्रकार भी गिरफ्तार।

छोटा राजन ने पत्रकार जेडे की हत्या करवा कर अफसोस जताया, एक महिला पत्रकार भी गिरफ्तार।

मुंबई - अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा ने माना की पत्रकार जेडे की हत्या करवा कर उसने गलती की। इस बीच जेडे की हत्या में एक महिला पत्रकार जिग्ना को भी मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिग्ना पर आरोप है कि उसी ने छोटा राजन को जेडे के बाइक का नंबर और घर पत्ता दिया। इतना हीं नहीं जिग्ना ने छोटा राजन को इतना उकसाया कि राजन ने जेडे को मरवाने का फैसला कर लिया। जिग्ना के खिलाफ जांच पडताल जारी है।
पत्रकार जे डे की हत्या के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक महिला पत्रकार जिग्ना वोरा को गिरफ्तार किया। जिग्ना मुंबई में अंग्रेजी अखबार एशियन ऐज की डेपुटी ब्यूरो चीफ थी। उनके खिलाफ आईपीसी के तहत साजिश(120 बी) , हत्या(302) और सामान्य आशय(34) के आरोप हैं। इससे पहले दस और आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार जिग्ना ही वह पत्रकार है जिसने छोटा राजन को जे डे की बाईक नंबर और एड्रेस मुहैय्या कराई थी। इसके बाद अंडर वर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने पत्रकार जेडे को मारने का अंजाम दिया। इस मामले का खुलासा एक फोन टैपिंग से हुआ। दरअसल जेडे हत्या में गिरफ्तार विनोद चेंबूर के भाई को छोटा राजन का फोन आया कि और बातचीत में जिग्ना बोरा के बारे में भला बूरा कहते हुए कहा कि इसी लेडी ने जेडे के खिलाफ मुझे भडकाया था।
इसी बातचीत को मुंबई क्राइम ब्रांच ने टेप कर लिया। फिर क्या था पुलिस ने विनोद चेंबूर के भाई को बयान देने के लिये बुलवाया। बयान देते वक्त विनोद के भाई ने पत्रकार शब्द का इस्तेमाल किया था किसी का नाम नहीं लिया था। इसलिये पुलिस ने जिग्न वोरा का स्टेटमेंट बतौर गवाह लिया , आरोपी के रूप में नहीं। विनोद का भाई अपने बयान से पलटे नहीं , इसलिये धारा 164 के तहत उसका बयान लेने के लिये उसे मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया।
विनोद के भाई ने मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया उसमें उसने जिग्ना वोरा का नाम लिया। धारा 164 के तहत जब मजिस्ट्रेट के सामने बयान होता है उस समय वहां कोई भी पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं होता। इसलिये पुलिस वाले को उस समय विनोद के भाई के ब्यौरा नहीं मिल पाया था। जब इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी शुरू की गई तब विनोद के भाई का बयान मंगाया गया। उस बयान में जिग्ना का नाम था। इसलिये जिग्ना को गिरफ्तार करना पड़ा। डॉन छोटा राजन ने माना ने उसने पत्रकार की हत्या करवा कर गलती की। अंडर वर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने स्वीकार किया कि वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे(जेडे) की हत्या करवा कर उसने गलती की। ऐसा नहीं होना चाहिये था। राजन ने कहा कि पत्रकार होने के नाते जेडे को खबर लिखने की पूरी स्वतंत्रता थी। लेकिन उन्होंने गुस्से में उसकी हत्या करवा दी।
राजन ने स्टार न्यूज से बातचीत में खुलासा किया कि उसने जेडे की हत्या दो वजहों से कराई। पहला , मुझे खबर मिली कि वह दाउद गिरोह से मिल गया है। दूसरा वह मेरे खिलाफ लगातार लिख रहा था – राजन बुढा हो गया है ... राजन को उसके लोग उसे छोड़ कर जा रहे हैं ....। राजन का दावा है कि उसने जेडे से पूछा था कि वह उसके खिलाफ क्यों लिख रहा है। इस बीच उसने लंदन में मिलने के लिये समय मांगा। मुलाकात करने समय और दिन भी तय हो गया था लेकिन इस बीच हमारे लोगों ने कहा कि बताया कि उसे डी कंपनी के लोगों के साथ देखा गया है। इसलिये बहुत संभव था कि लंदन में मेरी हत्या की साजिश थी।
मैं सतर्क हो गया और लंदन की मुलाकात को किसी बहाने टाल दिया और फिलिपिंस में मिलने की बात की। जेडे तैयार हो गये। इसके बाद मेरा शक यकीन में बदलने लगा। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पत्रकार जे.डे. की 11 जून को पवई इलाके में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शूटर सतिश काल्या सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में ग्यारह गिरफ्तारियां हो चुकी है। 11 जून 2011 को हत्या की गई जेडे की। 11 जून(2011) दोपहर को मुंबई के पवई इलाके में मीड डे के वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिंद्र डे की गोलीमार कर हत्या कर दी गई। वे पत्रकारिता जगत में जेडी के नाम से मशहूर थे। मुंबई मे एक बार फिर अंडरवर्ल्ड की गूंज सुनाई देने लगी है। इस बार अंडरवर्ल्ड का हमला एक पत्रकार पर हुआ है। हमलावर बाइक पर सवार था। उनपर नौ राउंड गोलियां चलाई गई। वे मौके पर हीं गिर पड़े। खून से लथपथ पत्रकार ज्योतिंद्र डे को पास के हीं हीरानंदानी होस्पीटल में ले जाया गया , जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस हत्या कांड के बाद मुंबई का पत्रकारिता जगत स्तब्ध है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि एक पत्रकार की आखिर हत्या क्यों की गई ? मुंबई के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी पत्रकार की दिन-दहाड़े हत्या की गई हो।
अंडरवर्ल्ड जब अपने चरम पर था तब भी मुंबई में किसी पत्रकार की इस तरह दिन-दहाडे़ गोली मार कर की हत्या नहीं की गई। जे डी पिछले 20 सालों से अपराध जगत की खबरें कवर करते आ रहे थे। शनिवार दोपहर 2 बजकर 40 मिनट पर उनपर गोलियों की बौछार कर दी गई।
पुलिस को शुरू में आशंका थी कि इस घटना के पीछे तेल माफियाओं का हाथ हो सकता है। वे तेल माफियाओं के खिलाफ स्टोरी कर रहे थे। बताया जाता है कि उन्हें धमकियां भी मिल रही थी। घटना के दिन हीं महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री छगन भुजबल ने भी घटना की निंदा करते हुए आंशका जतायी है कि पत्रकार जे डी की हत्या के पीछे अंडरवर्ल्ड के लोगों का हाथ हो सकता है। वहीं राज्य के गृहमंत्री आर आर पाटिल ने भी हत्याकांड की निंदा करते हुए कहा कि यह एक गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि हत्यारों को जल्द हीं पकड़ लिया जायेगा। और कुछ दिनों बाद हत्या के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसमें राजन का खास शूटर सतिश काल्या भी शामिल है।
बहरहाल , मुंबई के अंडरवर्ल्ड और अपराध जगत पर उन्होंने जीरो डायल और ए टू जेड अंडरवर्ल्ड नामक दो पुस्तकें भी लिखी थी। ? जे डी कलम के बेखौफ सिपाही थे। हिम्मती क्राइम रिपोर्टर थे। काबिल पत्रकार थे। उन्होंने मुंबई के अंडरवर्ल्ड के जुंडे कई सनसनीखेज राज भी खोल चुके हैं। कलम के बेखौफ सिपाही जेडी ने इस दुनियां को अलविदा कहा। हत्या के एक दिन बाद मुंबई के घाटकोपार में वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिंद्र डे का रविवार 12 जून को दाह संस्कार कर दिया गया। उन्हें मुखाग्नि पत्रकार निखिल दीक्षित ने दी। वे अपने पीछे पत्नी के अलावा बीमार मां और बहन को छोड गये हैं।