धनबाद में खूनी संघर्ष, जमकर गोली-बम चले। शहर में तनाव लेकिन स्थिति नियत्रंण में।

धनबाद में खूनी संघर्ष, जमकर गोली-बम चले। शहर में तनाव लेकिन स्थिति नियत्रंण में।

धनबाद (राजा विक्रम की रिपोर्ट)। धनबाद जिले में हुए जबरदस्त गोलीबारी और बम विस्फोटों के बाद धनबाद की सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद कर दिया गया है। बोकारो जोन के आईजी एम एल मिणा और डीआईजी लक्ष्मण प्रसाद सिंह धनबाद पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। शहर में तनाव का महौल है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। 20 अप्रैल को धनबाद जिला एक बार फिर बम और गोलियों की बौछार से गूंज उठा था। लेकिन धनबाद जिले के एसपी आर के धान और जिला उपायुक्त सुनिल कुमार वर्णवाल ने स्थिति को काफू सूझबूझ के साथ नियंत्रण करने में सफल रहे। नहीं तो और भी अधिक खून खराबा हो सकता था। यह लड़ाई धनबाद में उभर रहे दो बाहुबलियों विधायक ढुलू महतो और आजसू नेता मंटू महतो के समर्थको के बीच हुई।
इस गोली बारी में राजेश निषाद नाम एक मजदूर की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए। इस खूनी संघर्ष को रोकने में धनबाद जिले के एसपी आर के धान और जिला उपायुक्त सुनिल कुमार वर्णवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया जाता है कि यदि दोनों अधिकारी एसपी धान और उपायुक्त वर्णवाल यदि रणनीतिक कार्रवाई नहीं करते, तो और लोगों की जाने जा सकती थी। लेकिन दोनो अधिकारियों ने अपनी सूझबूझ से खूनी संघर्ष पर काबू कर पाये।
ढुलू महतो जहां झाविमों के विधायक हैं वहीं मंटू महतो आजसू नेता हैं। आजसू अभी राज्य में सत्ता में है। बताया जाता है कि वासुदेवपुर में बालाजी आउटसोर्सिंग कंपनी पर वर्चस्व क लेकर दोनो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। पारंपरिक हथियारों के अलावा जमकर गोली बारी हुई और दोनो ही ओर से बम फेके गये।
गोलीबारी और लगातार हो रहे बम विस्फोट को देख धनबाद के मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन दोनो ही ओर से हो खूनी संघर्ष को रोकने में पुलिस वाले भी घायल हो गये। डीएसपी रामनंदन शर्मा और लोयाबाद के थानेदार राजनारायण सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी बाल-बाल बच गये। लगातार दोनों ओर से फायरिंग हो रही थी। बम विस्फोट किये जा रहे थे। बमबारी में गोंदुडीह ओपी प्रभारी उमाशंकर सिंह का पैर फैक्चर हो गया। कई पुलिसकर्मियों को पत्थरबाजी में चोट लगी है।
पत्रकारों को भी नहीं बख्शा गया। पत्रकार कुणाल चौरसिया, सुधीर और वरुण के मोटरसाइकिलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
विधायक ढुलू महतो और उनके समर्थको के खिलाफ पुलिस का शिंकजा कसता जा रहा है। दर्जनों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्जा किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईजी और डीआईजी खुद धनबाद पुहंच कर हालात का जायजा ले रहे हैं।