एक लाख करोड़ का निवेश - मुकेश अंबानी

एक लाख करोड़ का निवेश - मुकेश अंबानी

देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अगले पांच वर्षों के दौरान खुदरा क्षेत्र पर खास ध्यान देते हुए अपने कारोबार विस्तार पर करीब एक लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी।

आरआईएल के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने यहां कंपनी की 38वीं सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने शेयरधारकों को बताया कि खुदरा कारोबार, गैस उत्पादन, पेट्रोलियम रिफाइनरी, डिजिटल प्रसारण और वस्त्र निर्माण जैसे विभिन्न कारोबारों में कंपनी अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए लगाने जा रही है। साथ ही अगले चार-पांच साल में कंपनी का परिचालन लाभ भी दोगुना करने की योजना है।

अंबानी ने खुदरा कारोबार को कंपनी की भावी योजनाओं के केंद्र में रखते हुए कहा कि अगले तीन वर्षों के भीतर यह मुनाफा कमाने वाले कारोबार के रूप में तब्दील हो जाएगा। इसके लिए अगले तीन-चार वर्षों में खुदरा कारोबार को पांच-छह गुना बढ़ाकर 40 से 50 हजार करोड़ रुपए करने का लक्ष्य आरआईएल ने तय किया है।

उन्होंने बताया कि आरआईएल राष्ट्रीय डिजिटल प्रसारण प्लेटफार्म में बढ़त हासिल करने की दिशा में काम करेगी। रिलायंस डिजिटल ब्रांड के तहत संचालित डिजिटल प्रसारण को 4-जी तकनीक पर अपग्रेड करने के लिए वाणिज्यिक योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

अंबानी ने बताया कि आने वाले समय में कंपनी शेल गैस उत्पादन पर खासा ध्यान देने जा रही है। शेल गैस का उत्पादन फिलहाल 30 अरब घनफुट है और अगले पांच वर्षों में इसके दस गुना हो जाने की उम्मीद है।

उन्होंने पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी क्षेत्र की परियोजनाओं के अगले दो-तीन वर्षों में चालू हो जाने की संभावना जताते हुए कहा कि इससे रिफाइनरी कारोबार से होने वाले लाभ में 30 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। हालांकि तेल की मांग में कमी आने से रिफाइनिंग व्यवसाय से होने वाले मुनाफे पर असर पड़ा है।

कंपनी ने पॉलिएस्टर कपड़े की उत्पादन क्षमता को अगले दो वर्ष में 15 लाख टन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी मध्यम श्रेणी के कपड़ा उत्पाद भी बढ़ाएगी, जिससे इस श्रृंखला के सभी उत्पादों का पूरा लाभ उठा सके। रिलायंस देश में पाली, बुटाडिएन रबर का इकलौता उत्पादक बना हुआ है।

विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय आरआईएल प्रत्‍येक तिमाही में एक अरब डॉलर तक की राशि जुटा लेता है। इसी का नतीजा है कि कंपनी अपने वर्ग में सर्वाधिक मुनाफा कमाने वाली दुनिया की कंपनियों में शामिल हो चुकी है। कंपनी अपने 2.79 करोड़ शेयरों की पुनर्खरीद के लिए 10 हजार 440 करोड़ रुपए लगाने वाली है और अब तक 1929 करोड़ रुपए लगाए भी जा चुके हैं।

अंबानी ने वर्ष 1977-78 में कंपनी का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आने के बाद से लगातार मिली मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि इन 34 वर्षों में रिलायंस ने कारोबार वृद्धि और रकम जुटाने में शानदार काबिलियत दिखाई है। इसी का परिणाम है कि हमारे आईपीओ में निवेश किए गए एक हजार रुपए की कीमत आज बढ़कर 7.78 लाख रुपए से अधिक हो गई है।

देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी के प्रमुख ने भारतीय अर्थव्यवस्था में हाल के समय में आई गिरावट को तात्कालिक बताते हुए कहा कि इन मुश्किलों से उबरने के बाद भारत अधिक मजबूत बनकर उभरेगा।

उन्होंने कहा कि दुनियाभर में धीमी विकास दर और मंदी जैसे हालात के बावजूद रिलायंस ने अपना आधार बढ़ाकर खुद को मजबूत बनाया है। अंबानी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरतों के लिए पेट्रोकेमिकल, तेल एवं गैस उत्खनन तथा इसके वितरण को खासा अहम बताया और कहा कि रिलायंस भारत में निवेश करना आगे भी जारी रखेगा। (साभार वार्ता)।