काले धन को लेकर SIT का गठन।

काले धन को लेकर SIT का गठन।

नई दिल्ली।  नरेंद्र मोदी सरकार ने अपना पहला और बड़ा फैसला काले धन के मामले पर लिया है। इसके लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (एसआईटी) गठित कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एमबी शाह को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। एक अन्य पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज अरिजित पसायत को एसआईटी का उपाध्यक्ष बनाया गया है।

दूसरी तरफ अहमदाबाद में जस्टिस एमबी शाह ने इस विषय में कई पेचीदगियों के होने के बावजूद त्वरित जांच का भरोसा दिलाया।
आज शाम नरेंद्र मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हुई, जिसमें एसआईटी को गठित करने का फैसला लिया गया। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 28 मई तक एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। 

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस बारे में जानकारी दी कि इस हाई प्रोफाइल टीम में कई अहम लोगों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर, इंटेलिजेंस ब्यूरो, इनफोर्समेंट डाइरेक्टरेट, सीबीआई, डाइरेक्ट टैक्स बोर्ड, फाइनैंशियल इंटेलिजेंस और रॉ के प्रमुख इस कमेटी के सदस्य होंगे। रविशंकर प्रसाद ने बताया, 'यह हमारी सरकार के लिए काफी अहम मुद्दा था इसलिए हमें इस बात की तसल्ली है कि इस मामले पर तुरंत काम किया गया है। इससे नई सरकार की प्रतिबद्धता का पता चलता है।

कालाधन मुद्दे पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का नेतृत्व करने के लिए केंद्र द्वारा चुने गए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एमबी शाह ने इस विषय में कई पेचीदगियों के होने के बावजूद त्वरित जांच का भरोसा दिलाया। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शाह ने बताया कि काले धन के मामले में कई सारी पेचीदगियां हैं। मेरे लिए यह कहना मुश्किल भरा है कि मैं किस जटिलता का सामना करूंगा। लेकिन मैं यथाशीघ्र उनका हल करने की कोशिश करूंगा। 

जांच आयोग या समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने में अतीत में देर होने के रिकार्ड के बारे में पूछे जाने पर पूर्व न्यायाधीश ने काम यथाशीघ्र निपटाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कह कि मैं अवैध लौह अयस्क खनन (ओडिशा और गोवा में) पर एक आयोग का अध्यक्ष था। मैंने प्रथम अंतरिम रिपोर्ट दो महीने में (जांच शुरू होने के) सौंप दी थी। शाह ने कहा कि वह बड़े नेताओं और कॉरपोरेट शख्सियतों से सख्ती से निपटेंगे यदि वे विदेशी बैंकों में काला धन रखने में संलिप्त पाए गए। उन्होंने बताया, ‘मैं कई साल न्यायाधीश रहा हूं..15 साल उच्च न्यायालय का न्यायाधीश और इसके बाद पांच साल उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश। मुझे शख्सियतों से कभी कोई परेशानी नहीं हुई और किसी ने मुझे छूने का साहस नहीं किया। इस बारे में चिंता ना करें।

मालूम हो कि काला धन को लेकर कोई अधिकृत आंकड़ा नहीं है, लेकिन विभिन्न अनुमानों में कहा गया है कि विदेशों में जमा काला धन 1.4 खरब डॉलर हो सकता है। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए 2011 में अपनी एक रिपोर्ट में विदेशों में जमा काला धन के 500 अरब डॉलर और 1.4 खरब डॉलर के बीच होने का अनुमान जाहिर किया था। अपने चुनावी घोषणापत्र में पार्टी ने कालाधन वापस लाने और देश में 'अच्छा दिन लाने' का वादा किया था।