महिलाओं की सुरक्षा के लिये सीसीटीवी जरूरी। आखिर उपराज्यपाल अनुमति क्यों नहीं देते? मिलने के लिये समय देने का आग्रह - उपमुख्यमंत्री सिसोदिया।

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महिलाओं की सुरक्षा के लिये सीसीटीवी जरूरी। आखिर उपराज्यपाल अनुमति क्यों नहीं देते? मिलने के लिये समय देने का आग्रह - उपमुख्यमंत्री सिसोदिया।

नई दिल्ली (टाइम्स ख़बर)। दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे कब तक लगेंगे? यह सवाल बार बार मीडिया में भी उठता रहा है और अब आम लोग भी आप-सरकार और विधायकों से सवाल करने लगे हैं। इस बारे में कहा जाता है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार सीसीटीवी लगाने को तैयार है लेकिन उपराज्यपाल अनिल बैजल की ओर से इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी नहीं दी गई है।

इस बाबत दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस बारे में उपराज्यपाल को एक पत्र लिखा गया और उनसे आग्रह किया है कि सोमवार को दोपहर तीन बजे या कोई भी समय दें ताकी मंत्री और विधायक उनसे मिल सके। और अपनी बातें रख सकें। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि सीसीटीवी ने लगने से जनता परेशान हैं। कई सारे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के लोग सवाल पूछ रहे हैं कि सीसीटीवी कब तक लगायी जायेगी। क्या यह वे लोग स्वयं करें?

आप नेता सिसोदिया ने कहा कि उनके पार्टी के विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर एकजुट होंगे फिर उपराज्यपाल वैजल से मुलाकात करने के लिेये निकलेंगे। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि वे बीजेपी के निर्देशों का पालन न करें। दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिये सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी है। इनकी सुरक्षा के लिये सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति दें उपराज्यपाल। 

 उपमुख्यमंत्री मनीष ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लग जाने से महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध में बहुत कमी आयेगी। उन्हें सुरक्षित करने का एक मजबूत संसाधन है लेकिन उपराज्यपाल इसे मंजूरी नही दे रहे।