खतरे में है लोकतंत्र - राष्ट्रमंच के संस्थापक यशवंत सिन्हा।

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खतरे में है लोकतंत्र - राष्ट्रमंच के संस्थापक यशवंत सिन्हा।

रांची (टाइम्स ख़बर)। राष्ट्रमंच के संस्थापक यशवंत सिन्हा केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सक्रिय हैं। उनके पास इस बात के आंकड़े भी है कि सरकार ने क्या क्या वादे किये जिसे पूरा नहीं कर पायी। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा बीते दिनों बीजेपी से इस्तीफा दे चुके हैं। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री सिर्फ बीजेपी ही नहीं सक्रिय राजनीति से भी सन्यास लेने का ऐलान किया। इनका मानना है कि वर्तमान के सरकार के अंतर्गत लोकतंत्र खतरे में है। उन्होने कहा कि आज जो कुछ भी हो रहा है यदि इसके लिये हम खड़े नहीं होंगे तो आने वाली पीढियां हमें माफ नहीं करेगी। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा शुरू से नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के तरीके के खिलाफ रहे। इनके पुत्र जयंत सिन्हा बीजेपी में हैं और केंद्रीय मंत्री हैं। बावजूद केंद्र की गलत नीति के खिलाफ विरोध करने के लिये उन्होंने राष्ट्र मंच की स्थापना की है इसी साल 30 जनवरी को। यह बिल्कुल गैर-राजनीतिक संगठन है जो केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों का उजागर करेगा। यशवंत सिन्हा की गिनती ईमानदार नेताओं में से है। वे वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे। इससे पहले चंद्रशेखर की सरकार में भी वित्त मंत्री थे।