विधान सभा चुनाव के समय कमल हासन ने हिंदू आतंकवाद पर लेख क्यों लिखा, चर्चा जोरो पर।

विधान सभा चुनाव के समय कमल हासन ने हिंदू आतंकवाद पर लेख क्यों लिखा, चर्चा जोरो पर।

 नई दिल्ली। दक्षिण सिनेमा के सुपर स्टार कमल हासन के हिंदू आतंकवाद वाले बयान को लेकर बीजेपी नेता विनय कटियार ने तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कमल हासन अब सुपरस्टार नहीं रहे। वे पब्लिसिटी के लिये ऐसा कर हे हैं। उऩके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिये।बीजेपी नेता कटियार ने कहा कि हिंदू आतंकवादी नहीं हो सकता। ऐसे बयान के लिये कमल हासन को जेल में बंद किया जाना चाहिये। 

क्या है हिंदू आतंकवाद का नया विवाद - 
दरअसल सुपरस्टार कमल हासन ने तमिल साप्ताहिक पत्रिका आनंदा-विकटन में एक लेख लिखा है कि दंक्षिणपंथी समूह पहले विरोधियों के साथ शास्त्रार्थ करते थे लेकिन इसमें वे हार गये। अब वे हिंसा करते हैं। बल का प्रयोग करते हैं। हिंदू शिविरों में आतंकवाद घुस चुका है। उन्होंने लिखा है कि ऐसा कोई नहीं कह सकता कि हिंदू आतंकवाद का वजूद नहीं है। लोगो की सत्यमेव-जयते में आस्था खत्म हो चुकी है। जो लोग खुद को हिन्दू कहते हैं उनके लिये कट्टरपंथ किसी भी रूप में सफलता या विकास का सूचक नहीं है।

कमल हासन के बयान का विरोध तेज - 
बीजेपी नेता विनय कटियार के अलावा बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने भी जोरदार पलटवार किया है कमल हासन पर। उन्होंने कमल हासन को नैतिक तौर पर भ्रष्ट बताया। साथ ही कहा कि वे ईमानदार व्यक्ति नहीं है और न ही निष्पक्ष हैं। स्वामी ने कहा कि जब हम जयललिता के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुहिम चला रहे थे तबर वे चूहे की तरह बिल में दूबककर बैठ गये थे। उनकी फिल्में फ्लॉप हो रही हैं। वे वामपंथियों की चापलुसी कर रहे हैं। उऩ्होंने कहा कि हिंदू आतंकवाद के कोई सबूत नहीं है। 
आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि कमल हासन को हिंदू सभ्यता के अपमान और भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिये माफी मांगनी चाहिये।  

कमल हासन के बयान पर सवाल - 
कमल हासन ने आखिर ऐसे समय पर हिंदू आतंकवाद के मुद्दे पर लेख क्यों लिखा? इस लेख को लेकर बीजेपी और संघ से जुडे लोगो ने जहां जोरदार विरोध किया वहीं कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधान सभा चुनाव हैं। ऐसे में समय में उन्होने 
इस तरह का लेख क्यों लिखा जिससे धार्मिक गोलबंदी को बल मिले। 

बहरहाल राजनीति जोरो पर है। हस्तियों के बयान हर प्रकार के तराजू पर तोले जा रहे हैं।