राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने प्रणव मुखर्जी।

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने प्रणव मुखर्जी।

इस बार राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जैसा घमासान हुआ वैसा राजनीतिक घमासान भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। काफी जद्दोजहद के बाद सत्तारूढ यूपीए ने साफ किया कि उनका अधिकृत उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी होंगे। इसका ऐलान खुद कांग्रेस व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया। कांग्रेस नेता प्रणव मुखर्जी वर्तमान मे भारत के वित्त मंत्री हैं।

कांग्रेस अध्यक्षा सोनियां गांधी ने जैसे ही प्रणव मुखर्जी के नाम का ऐलान किया, इसके थोडे देर बाद हीं सपा और बसपा ने उनके नाम का समर्थन कर दिया। इस बीच पश्चिम बंगाल की अध्यक्षा ममता बनर्जी एकदम अकेल पड गई। हालांकि प्रणव मुखर्जी ने ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन कहा है। और उनसे भी समर्थन मांगा है।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बाद भारत का अगला राष्ट्रपति कौन होगा? इसको लेकर कयास लगाये जाते रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग ने जैसे हीं 12 जून को राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान किया वैसे हीं राजनीति ने करवट बदलना शुरू कर दिया। सबकी नजर कांग्रेस पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी पर टिकी हुई थी। लेकिन सोनिया गांधी कोई भी फैसला अपने सहयोगी दलो के सलाह से हीं करना चाहती थी। लेकिन इस बीच केंद्र में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी का नाम जोर शोर से चलने लगा।

महत्वपूर्ण बात यह है कि राष्ट्रपति के चुनाव में अपने उम्मीदवार को जिताने के लिये न तो पूरे वोट यूपीए के पास है और न ही मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए के पास है। ऐसे में अन्य पार्टियों का महत्व बढ जाता है।

12 जून – चुनाव आयोग ने ऐलान किया कि राष्ट्रपति पद के लिये चुनाव 19 जुलाई को और वोटो की गिनती 22 जुलाई को होगा। इसके बाद राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई।

13 जून – सबसे पहले यूपीए को तय करना था कि राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार कौन होगा। लेकिन उनके बीच विवाद के स्वर उभरे। टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री राजधानी दिल्ली पहुंची। और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। इसके बाद वे मिलने पहुंची कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद ममता ने मीडिया को बताया कि दो नाम बताये गये हैं पहला वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और दूसरा उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी।

इसके बाद ममता बनर्जी, मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंची। दोनो के बीच विचार विमर्श हुआ। और एक संयुक्त सम्मेलन में दोनो ने ऐलान किया कि वे तीन नामों के पक्ष में हैं – पहला, डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम, दूसरा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तीसरा सोमनाथ चटर्जी।

इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारो में हंगामा मच गया। कांग्रेस नाराज हो गई।

14 जून – कांग्रेस की बैठक शुरू हुई। प्रधानमंत्री और सोनियां गांधी से मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। प्रणव मुखर्जी सोनियां गांधी से मिलने उनके घर पहुंचे। सोनिया गांधी के घर शरद पवार भी पहुंचे।

इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्धिवेदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अभी कोई उम्मीदवार तय नहीं किया है। ममता से बातचीत में सिर्फ यह कहा गया कि सहयोगी दलों से बातचीत करने पर दो नाम प्रणव मुखर्जी और हामिद अंसारी का सामने आया है। उन्होंने कहा कि एक तो अंदर की बात थी इसलिये ममता को यह बातें मीडिया में नहीं करनी चाहिये थी और दूसरा कांग्रेस यदि नाम तय करेगी तो वह एक नाम होगा दो नहीं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बने रहेंगे। और डॉ कलाम और सोमनाथ के नाम पर कांग्रेस सहमत नही है। इस बीच यूपीए के अन्य घटक दल एनसीपी और डीएमके ने साफ कर दिया कि वे यूपीए के निर्णय के साथ होंगे। यानी जो सोनिया गांधी तय कर दे। इसी घटना चक्र में सीपीआई ने कहा कि वे ऐसे उम्मीदवार के पक्ष में हैं जो महिला हो, दलित हो और राष्ट्रपति के योग्य हो। ऐसी महिला तो अभी सिर्फ मीरा कुमार ही है।

शाम को एक बार फिर मुलायम और ममता की मुलाकात हुई और मुलाकात के बाद ममता ने साफ कर दिया कि वह अब्दूल कलाम के उम्मीदावर के पक्ष में अभी भी हैं।

15 जून – सुबह से ही खबर थी कि कांग्रेस नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति पद के दौर में सबसे आगे हैं। लेकिन ऊहापौह का दौर जारी रहा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव सुबह आगरा के लिये निकल गये। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राम गोपाल यादव ने ऐसे संकेत दिये कि वे अब ममता के विचार से सहमत नही है। ममता ने 14 जून को कहा था कि अभी भी वे डॉ कलाम के पक्ष में है। वे हमारे उम्मीदावर हैं। लेकिन राम गोपाल यादव ने आज कहा कि हमारे यहां एक वचन भी बहुवचन के रूप इस्तेमाल होता है।

दोपहर बाद घटना क्रम तेजी से बदलता गया। कांग्रेस की बैठक के बाद कांग्रेस व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ऐलान किया कि श्री प्रणव मुखर्जी राष्ट्रपति पद के लिये यूपीए की ओर से उम्मीदवार होंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सभी पार्टियों से समर्थन मांगना शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री ने बीजेपी नेता नितिन गडकरी, लालक़ष्ण आडवाणी, अरूण जेटली और सुषमा स्वराज से भी बातचीत की। इससे पहले समाजवादी पार्टी और बसपा ने यूपीए उम्मीदवार श्री मुखर्जी का समर्थन का ऐलान कर दिया।