मिसाइल अग्नि-5 का परीक्षण कामयाब रहा।

मिसाइल अग्नि-5 का परीक्षण कामयाब रहा।

भारत के साइंटिस्ट ने वह कर दिखाया जिसे देश वासियों को वरसों से इंतजार था। 5000 किलोमीटर से अधिक दूर तक मार करने वाली आइसीबीएम अग्नि मिसाइल-5 का आज सफल परीक्षण किया गया। डीआरडीओ के प्रमुख ने वी के सारस्वत ने कहा कि परीक्षण को लेकर सभी तय टारगेट पूरे कर लिये गये। इसी के साथ देश में खुशी की लहर दौड़ गई।अग्नि मिसाईल 5 का परीक्षण आज सुबह करीब 8 बजे उडिसा के व्हीलर द्वीप से किया गया। इस सफल परीक्षण के लिये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रक्षा मंत्री ए के एंटोनी ने डीआरडीओ के सांइटिस्ट को बधाई दी।
खुशी की बात है कि मिसाइल अग्नि 5 सभी मानको पर खरी उतरी। इस मिसाइल के जद में अमेरिका को छोड़ लगभग चीन और यूरोप समेत लगभग पूरी दुनिया है। इस तरह के मिसाइल अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन के अलावा भारत के पास भी हो गया है। मौसम खराब होने की वजह से इस मिसाइल का परीक्षण 17 अप्रैल को नहीं किया गया था। हालांकि मिसाइल टेस्ट करने की निर्धारित समय सीमा 20 अप्रैल तक की थी लेकिन भारत ने 18 अप्रैल की सुबह आठ बजे हीं अपनी सबसे अधिक ताकतवर मिसाइल का सफल परीक्षण कर दिखाया। इसके लिये 20 अप्रैल तक का नोटेम(नोटिस टू एयरमैन) जारी किया गया था। यानी इसके परीक्षण क्षेत्र में कोई उड़ान न हो।
आईसीबीएम मिसाइल अग्नि-5 को 'वेपन फोर पीस' के नाम से जाना जायेगा। इस मिसाइल से भारत दुनिया के शक्तिशाली देशों मे से शामिल हो गया है। आईये एक नजर डालते हैं मिसाइल अग्नि पांच की खूबियों पर -
- पांच हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तक मार करने की क्षमता। - अग्नि-5 सिर्फ 20 मिनट में ही 5000 किलमीटर की दूरी तय कर लेता है। - यह 5000 हजार किलमीटर दूर किसी डेढ मीटर की टारगेट को भी निशाना बना लेता है। - ठोस इंधन और तीन चरणों वाली इस मिसाइल के लॉचिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया। - इस मिसाइल को कही भी आसानी से लाया और ले जाया जा सकता है। - कही से भी इसे छोड़ा जा सकता है। - इस मिसाइल को एक बार छोड़ने के बाद रोका नहीं जा सकता है। - इस मिसाइल में एमआईआरवी का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक की मदद से एक साथ कई टारगेट की निशाना बनाया जा सकता है।