व्यापार


12 हजार करोड़ का करार मुकेश-अनिल के बीच।

12 हजार करोड़ का करार मुकेश-अनिल के बीच।

मुंबई। देश के जाने माने उद्योपति मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच 12000 करोड़ रुपये का करार हुआ है। 7 जून को हुई इस डील के तहत बड़े भाई मुकेश अंबानी की कंपनी 4-जी सर्विस प्रवाइड करवाने के लिए छोटे भाई अनिल की रिलायंस कम्युनिकेशंस के टावरों का इस्तेमाल करेगी।

एक लाख करोड़ का निवेश - मुकेश अंबानी

एक लाख करोड़ का निवेश - मुकेश अंबानी

देश में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अगले पांच वर्षों के दौरान खुदरा क्षेत्र पर खास ध्यान देते हुए अपने कारोबार विस्तार पर करीब एक लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी।

आरआईएल के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने यहां कंपनी की 38वीं सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।

ब्रांड बना 'आदित्य मीडिया'

ब्रांड बना 'आदित्य मीडिया'

वेब की दुनिया में वेब होस्टिंग के लिये ‘आदित्य मीडिया’ और उनके सीईओ आदित्य इन दिनों सुर्खियों में है। मुंबई आधारिता तेजी से उभर रहे इस ‘आदित्य मीडिया’ पर विश्व की जानी मानी कंपनियों की भी नजर है। इसलिेये मुंबई के पांच सितारा होटल रैनेसन्स में आयोजित विश्व स्तरीय एक सम्मेलन में ‘आदित्य मीडिया’ को भी आमंत्रित किया गया।

साढे सात रूपये महंगा हुआ पेट्रोल ।

साढे सात रूपये महंगा हुआ पेट्रोल ।

नई दिल्ली। पेट्रोल की कीमतों में साढे सात रूपये की बढोतरी हो गई है। और बढोतरी देश के हर हिस्से में लागू हो गई है। इसकी घोषणा देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल ने 24 मई को ही कर दी थी। इसी के साथ भारत की राजनीतिक पार्टियां केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर आ गई है।

चेक बाउंस  पर 20 फीसदी जुर्माने

चेक बाउंस पर 20 फीसदी जुर्माने

चेक से कारोबार करने वाले सावधान, अन्यथा अब आपको भारी पड सकता है। कई लोग ऐसे होते हैं जो अपने बैंक खातों में पर्याप्त धन राशि न होने के बावजूद चेक जारी कर देते हैं। और चेक बाउंस हो जाता है। चेक बाउंस की परेशानियों से बचाने के लिये सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी किया है।

समय रहते काला बाजार को रोके अन्यथा स्थिति विस्फोटक हो सकती है।

समय रहते काला बाजार को रोके अन्यथा स्थिति विस्फोटक हो सकती है।

राजेश कुमार ( वरिष्ठ पत्रकार, स्टार न्यूज)

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधार के क्षेत्र में बहुत काम किये हैं लेकिन वे अभी तक बुनियादी स्तर पर इसका हल नहीं निकाल सके कि उत्पादन करने वाले किसानों की समस्याओं को कैसे सुलझाया जाये। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को भी मंहगाई की मार से कैसे बचाया जाये इसका हल नहीं निकाल पाई है सरकार। लेकिन इसके लिये सिर्फ प्रधानमंत्री को दोषी मानना गलत होगा। मंहगाई और काला बाजार के लिये केंद्र और राज्य सराकरें दोनो दोषी है।

 1